CBI ने दिल्ली पुलिस के सब इन्स्पेक्टर महिपाल सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि इसने पश्चिम विहार में रहने वाले इंडियन बेंक के मैनेजर राज कुमार अग्रवाल के प्रॉपर्टी का मामला ख़त्म करने के लिए 30 लाख रूपये मांगे थे और नहीं देने पर अग्रवाल को SC/ST ACT के तहत फंसाने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान अग्रवाल ने प्रूफ़ के तौर पर विडियो रिकार्डिंग CBI को दे दी। जिसके बाद जाल बिछाकर महिपाल सिंह को उस वक्त रंगे हाथों पकड़ लिया गया। जब वह पश्चिम विहार स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के पास अग्रवाल दंपति से एक लाख रुपयों से भरा कार्टन ले रहा था
शताब्दीनगर डिवाइडर रोड पर हुआ है फैक्ट्री का निर्माण मेरठ की पाकी इंटरप्राइजेज की शताब्दीनगर स्थित बिल्डिंग का कंपाउंडिंग मानचित्र मेरठ विकास प्राधिकरण(एमडीए) ने निरस्त कर दिया है। प्राधिकरण में पाकी इंटरप्राइजेज की बिल्डिंग का कंपाउंडिंग मानचित्र दाखिल किया गया था, जिसकी जांच पड़ताल के बाद प्राधिकरण इंजीनियरों ने इसे रिजेक्ट कर दिया है। दरअसल, तीन हजार वर्ग मीटर जमीन में शताब्दीनगर स्थित डिवाइडर पर अचार की फैक्ट्री बनाई जा रही है। यह फैक्ट्री पंकज गोयल की बताई गई है। इंजीनियरों की टीम ने जो कंपाउंडिंग मानचित्र मेरठ विकास प्राधिकरण में दाखिल किया गया था, उसकी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, जिसमें लिंटर के आगे निकाले गए छज्जे पर तीन मंजिल तक बिल्डिंग उठा दी गई है, जो नियमविरुद्ध है। इसी वजह से पूरी बिल्डिंग को कंपाउंडिंग के दायरे से बाहर कर दिया गया हैं। यही नहीं, सर्विस रोड पर फैक्ट्री मालिक ने टॉयलेट के टैंक बना दिए। इसका उल्लेख भी इंजीनियरों ने अपनी रिपोर्ट में किया हैं। इस वजह से भी कंपाउंडिंग के मानचित्र को निरस्त करना बताया जा रहा है। फिर फैक्ट्री के चारों दिशाओं में दमकल व...

अब अग्रवाल को कौन बचायेगा...
ReplyDeleteइसे तो ये पुलिस वाला निपटा देगा...
please remove word verification
सही कहा आपने
ReplyDeleteकिन्तु ये वाले नेताओं को या मंत्रियों को रंगे हाथ क्यों नहीं पकड़ते
ये बड़ा प्रश्न है
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