Skip to main content
राजनीति कभी एक मिशन हुआ करती थी, लोग इसे समाज सेवा भी कहते थे. नेता को जनता सिर अखो पर बिठाती थी. अब आपको नहीं लगता कि समय बदल रहा है. अब ईमानदार नेता खोजने पर भी नहीं मिल रहे है. अब तो ये भी देखना पड़ता है कि कोन ईमानदार और कोन बेईमान नेता है. कभी ईमानदार नेता कि लोग चोपाल/पंचायत घर पर मिशाल दिया करते थे. समय ने करवट ली है तो चर्चा बेईमान नेताओ कि होती है, उन्हे बहादुरी के तमगे नहीं, बल्कि बुरी से बुरी मिसाल उनके बारे मे दी जाती है. हालत ये पैदा हो गए है क़ि ईमानदार नेताओ पर भी उगली उठने लगी है. दरअसल, घोटाले ओर बेईमानी तो मानो नेताजी के खून मे समां गई है, तभी तो एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे है. घोटाले सामने आते, जाच होती है, फिर फाइल ठंडे बस्ते मे ड़ाल दी जाती है. यही सब राजनीति मे चल रहा है. वर्तमान मे सुर्खियो मे छाये घोटाले पहली मर्तबा नही हुए, बल्कि बहुत से ऐसे घोटाले है, जिनकी फाइल ही बंद कर दी गई. कार्रवाई एक भी नेता के खिलाफ नहीं हुई है. मै आपके सामने कुछ घोटाले फोकस कर रहा हू. ये आपको याद दिलाने के लिए बेहद जरुरी है. सबसे पहले आजादी के बाद वर्ष १९४९ मे जीप घोटाला सामने आया था, १९५८ मे परताप सिंह केरो से जुडे घोटाले सामने आए थे. राजनीति के जानकारों का कहना तो ये है कि यदि तब घोटालो पर अंकुश लग गया होता तो वर्तमान मे घोटाले दर घोटाले देखने को नहीं मिलते. इसके बाद तो देखा जाये तो हर दल का नेता घोटाले क़ी दलदल में फसता चला गया. घोटाले एक-दो नहीं, बल्कि जिस तरह पशु चारा घोटाला हुआ, उसमे लालू का नाम सामने आया. मुकदमा चला. इसी कड़ी में सुखराम घोटाला सामने आया. उसमे भी राजनेताओ क़ी काफी किरकिरी हुई.सांसद में कभी नोट लहराए जाते है. पूरा बवाल होता है. फिर भी नेता सर्मसार नही होते है. ईमानदारी तो लगता है राजनीती से गायब हो गई है. २५ नवम्बर को सोनिया गाँधी इलाहाबाद दोरे पर आई थी, तब उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती क़ी सरकार पर ऊँगली उठाई है. शायद सोनिया गाँधी ये भूल गई है क़ि केंद्र में घोटाले दर घोटाले हो रहे है. इनपर अंकुश क्यों नही लग रहे है. जर्रूरत बयान-बजी करने क़ी नहीं, बल्कि सुधार करने क़ी जरुरत है. कामनवेलथ खेल में घोटाले दर घोटाले हुए है उससे भी शायद सबक नहीं लिए गए. कैसे देश चलेगा. सोनिया गाँधी आन्दोलन क़ी बात करती है, मगर घोटाले रोकने को कडे कदम नहीं उठाए जा रहे है.

Comments

Popular posts from this blog

इंदिरा सदी की नौवीं शक्तिशाली महिला

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को टाइम्स मैगज़ीन ने सदी की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में जगह दी है। इंदिरा गांधी को टाइम मैगज़ीन ने 25 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में नौंवा स्थान दिया है। वहीं इस लिस्ट में मदर टेरेसा को 22वां स्थान दिया गया है। मैगजीन के मुताबिक, इंदिरा गांधी के शासन काल के दौरान देश ने आर्थिक मंदी, सूखा और भ्रष्टाचार का दौर देखा, तो वहीं उन्हीं के शासनकाल में देश ने पहला परमाणु परीक्षण किया। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ युद्व हुआ और उन्हीं के दिशा निर्देश में एक नये देश बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस लिस्ट में इस सूची में सबसे पहला नाम है अमेरिकी महिला जेन एडम्स का है, जिन्होंने महिलाओं के वोट देने के अधिकार की वकालत की थी। साथ ही, अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को छठें स्थान पर जगह दी गई है।

'जनवाणी' का शानदार आगाज

जल्द ही वेस्ट यूपी के सबसे बडे महानगर मेरठ से प्रकाशित होने जा रहे हिन्दी दैनिक जनवाणी का शनिवार को शानदार आगाज हो गया। रोड शो को गॉडविन मीडिया के निदेशक श्री जितेन्द्र वाधवा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रोड शो में तीन सौ से अधिक लोग शामिल थे तथा दो दर्जन गाडियां मौजूद थी। करीब एक सौ युवक बाइकों पर सवार थे। पूरे शहर में रोड शो चला, जिसमें लोगों को बताया गया कि गॉडविन ग्रुप जल्द आपके द्वार हिन्दी दैनिक जनवाणी अखबार लेकर पहुंच रहे है, जिसमें हर वर्ग के लिए भरपूर पठनीय सामग्री मौजूद होगी। समाचार पत्र मेरठ, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, मुजफरनगर व देहरादून, हरिद्वार से एक साथ लॉच किया जायेगा। अखबारों की जबरदस्त प्रतिद्वंद्वता के इस दौर में गॉडविन ग्रुप ने खबरों की दुनिया के टॉप चेहरों को चुना है, जिन दिग्गजों की बेबाक लेखनी कभी दैनिक जागरण, अमर उजाला या फिर हिन्दुस्तान समाचार पत्रों में पाठकों को 

महाशिवरात्रि पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़...

महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की मेरठ के प्राचीन औघड़नाथ मंदिर और बागपत के पुरामहादेव मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी । श्रद्धालुओं ने बाबा औघड़नाथ पर जलाभिषेक कर शांति सद्भाव की प्रार्थनाए की गई । महिला श्रद्धालु सुबह से ही औघड़नाथ और पुरामहादेव मंदिर पर कतार में लग गई थी । औघड़नाथ मंदिर का इतिहास भी बेहद प्राचीन है और पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस प्राचीन औघड़नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की थी । इस मंदिर की भव्यता को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की थी तथा कहा था कि यह उनका सौभाग्य है कि औघड़नाथ मंदिर में उन्हें पूजा करने का मौका मिला ।इसी तरह से बागपत के बलेनी में स्थित पुरा महादेव मंदिर का भी इतिहास बेहद प्राचीन है ।कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने पुरा महादेव मंदिर की स्थापना की थी तथा वहीं पर लंबे समय तक तप किया था । इसी वजह से पुरा महादेव मंदिर भी देशभर में ही नहीं, बल्कि दुनिया में वह विशेष महत्व रखता है ।मेरठ के औघड़नाथ मंदिर और बागपत के बालैनी पुरामहादेव मंदिर दोनों में ही दूर-दराज से लोग दर्शन करने और मनोकामना पूरी करने के लिए आते ...